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1Origin Of Ganges गंगा नदी की उत्पत्ति कैसे हुई और क्यों हुई। गंगा नदी जीवन जीने के लिए देती है यह संदेश।

Origin Of Ganges  माना जाता है कि गंगा नदी को पृथ्वी पर लाने के लिए सूर्यवंश के भागीरथ जी के कई पूर्वजों ने हजारों साल तपस्या की तब जाकर ब्रह्मा जी ने धरती पर समस्त जन का कल्याण करने के लिए पूर्वजों का उद्धार करने के लिए गंगा जी का धरती पर भेजा था।

Origin Of Ganges गंगा नदी भारत के सबसे लंबी नदी है यह नदी प्राकृतिक संपदा के रूप में और सांस्कृतिक आपसे जन-जन की भावनात्मक आस्था का आधार भी है।

Origin Of Ganges आज भी कोई गंगाजल लेकर झूठ की शपथ नहीं ले सकता है। यदि कुछ भी अपवित्र हो जाय तो गंगाजल डालकर पवित्र किया जाता है। अंतिम समय में गंगाजल मुँह में डाला जाता है। यह बता रहा है कि गंगाजी हमारे अस्तित्व से कैसे जुड़ी हैं।

भगीरथ की कई पीढ़ियों ने गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिये तपस्या किया। इस तथ्य से पता चल रहा है।

Origin Of Ganges गंगा! आर्यो का प्रयोग हैं। उन्होंने गंगा को अपने प्रयास से पृथ्वी पर लाया है। गंगाजल, किसी भी नदी जैसा जल नहीं है। यहां तक कि गंगा में मिलने वाली कोई भी नदी का जल गंगा जी जैसा नहीं है।

गंगा नदी जीवन जीने के लिए देती है यह संदेश।

सामान्य जल, महीनों में ही दुर्गंध देने लगता है। गंगाजल वर्षों रखा जा सकता है। गंगा जी का बहाव सामान्य नदियों जैसा नहीं है। यही कारण है कि जो लोग नहीं जानते उनके गंगाजी में डूबने की आशंका अधिक रहती है।

Origin Of Ganges ऐसा इसलिये क्योंकि गंगाजी ऊपर से स्थिर दिखती हैं, नीचे बहाव बहुत तेज होता है। यह अन्य नदियों से उल्टा है। आप कभी गंगा जी स्नान के लिये जाइये तो ध्यान दीजिए… आपके पैरों के नीचे से रेत कितनी तेजी से निकल रही है।

यह सब कुछ सिद्ध कर रहा है। गंगा जी को बहाया गया, वह स्वतः नहीं आई हैं। यह तथ्य बार बार हमारे ग्रन्थों में कहा गया है। यह बहुत आश्चर्यजनक है।

Origin Of Ganges भारत में छोटी बड़ी बहुत नदियां हैं। किसी के लिये भी यह नहीं कहा गया। मात्र गंगा जी के लिये कहा गया है। भगीरथ आगे आगे चल रहे हैं। पीछे पीछे गंगा जी आ रही हैं। यह पीछे पीछे का अर्थ है कि आगे आगे निर्माण हो रहा है या हुआ है।

गंगा जी के किनारे ही सभी प्रमुख धार्मिक स्थल, नगर बसाये गये थे। गंगा को लाने में आर्यों ने अपने देवत्व, अलौकिक शक्तियों का उपयोग किया होगा। भगवान शिव का प्रसंग इसलिये है कि एक अलौकिक शक्ति उनका सहयोग कर रही थी।

ब्रह्मा से लगभग 23वीं पीढ़ी बाद और राम से लगभग 14वीं पीढ़ी पूर्व भगीरथ हुए। भगीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था। इससे पहले उनके पूर्वज सगर ने भारत में कई नदी और जलराशियों का निर्माण किया था। उन्हीं के कार्य को भगीरथ ने आगे बढ़ाया। पहले हिमालय के एक क्षेत्र विशेष को देवलोक कहा जाता था।

गंगा जी को सामान्य न समझा जाय। उन्होंने उसमें मंत्रों, आयुर्वेद, देवशक्ति का प्रयोग किया है। यही कारण है कि गंगा जी का इतना महत्व है। भारत के लोगों के लिये गंगा जी सबसे पवित्रतम शब्द है।

Origin Of Ganges  आज भी कोई गंगाजल लेकर झूठ की शपथ नहीं ले सकता है। यदि कुछ भी अपवित्र हो जाय तो गंगाजल डालकर पवित्र किया जाता है। अंतिम समय में गंगाजल मुँह में डाला जाता है। यह बता रहा है कि गंगाजी हमारे अस्तित्व से कैसे जुड़ी हैं।

Origin Of Ganges  ब्रह्मा से लगभग 23वीं पीढ़ी बाद और राम से लगभग 14वीं पीढ़ी पूर्व भगीरथ हुए। भगीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था। इससे पहले उनके पूर्वज सगर ने भारत में कई नदी और जलराशियों का निर्माण किया था। उन्हीं के कार्य को भगीरथ ने आगे बढ़ाया। पहले हिमालय के एक क्षेत्र विशेष को देवलोक कहा जाता था।

भगवान राम के पूर्वज इक्ष्वाकु वंशी राजा भगीरथ के प्रयासों से ही गंगा नदी स्वर्ग से धरती पर आई थी। लेकिन उन्हें स्वर्ग से धरती पर गंगा को लाने के लिए तपस्या करना पड़ी थी।

Origin Of Ganges उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने – ‘राजन! तुम गंगा का पृथ्वी पर अवतरण तो चाहते हो? परंतु क्या तुमने पृथ्वी से पूछा है कि वह गंगा के भार तथा वेग को संभाल पाएगी?

गंगा नदी की उत्पत्ति कैसे हुई

मेरा विचार है कि गंगा के वेग को संभालने की शक्ति केवल भगवान शंकर में है। इसलिए उचित यह होगा कि गंगा का भार एवं वेग संभालने के लिए भगवान शिव का अनुग्रह प्राप्त कर लिया जाए।’

 

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