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Panipat Dera: 20 सितंबर की रात एक डेरे में बदमाशों ने महिलाओं से किया दुष्कर्म,वो रात जिंदगी भर का दे गई गम

Panipat Dera:मतलौडा क्षेत्र में डेरे पर हुई दरिंदगी में पीड़ित परिवार ने कई रहस्यों का खुलासा किया है। दिल दहला देने वाली वारदात को बयां करते हुए परिवारों के मुखिया ने कहा कि चारों बदमाशों में से नकाबपोश बदमाश 8 अगस्त की रात को भी यहां आया था। तब भी उसने मुंह पर रुमाल बांध रखा था।

Panipat Dera:डेरे पर 20 सितंबर की रात को बदमाशों ने हैवानियत की सारे हदें पार कर दी थी। बदमाशों ने गर्भवती महिला और स्त्री रोग से पीड़ित उसकी ननद को भी नहीं बख्शा। महिलाओं के पास बच्चे रोते रहे और बदमाश सामूहिक दुष्कर्म व अप्राकृतिक यौन शोषण करते रहे। बदमाशों ने पतियों और बच्चों के सामने भी महिलाओं से दुष्कर्म किया।

Panipat Dera: On the night of 20th September, miscreants raped women in a camp, that night gave them lifelong sorrow.
Panipat Dera: On the night of 20th September, miscreants raped women in a camp, that night gave them lifelong sorrow.

पीड़िता गर्भवती महिला ने कहा कि उसने विरोध किया था। बदमाश ने उसके मुंह पर काट खाया और गाली देकर उसके दूधमुंहे बेटे की गर्दन पर चाकू रख दिया। बच्चे की मौत सामने देख वह डर गई। छोड़ देने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं। बदमाश ने रहम नहीं किया। बेटा बिलख रहा था। वह रोते-रोते दरिंदगी झेलती रहीमुखिया की पत्नी को देख बदमाश ने कहा था कि सुंदर हो। मेरे साथ गांव चलो। उसने धमकी भी दी थी कि डेरा खाली कर दो। एक पीड़िता ने बताया कि पहले धमकी देने वाले बदमाश ने उसके साथ पिस्तौल के बल पर दुष्कर्म किया।पीड़ित मजदूर ने डेरा मालिक को घटना के बारे में अवगत कराया था। पुलिस को भी शिकायत नहीं दी गई।

पुलिस ने बुधवार की रात नौ बजे से वीरवार सुबह पांच बजे तक वारदात स्थल के आसपास के मोबाइल टावरों के डंप उठाए हैं। इसके बाद संदिग्ध 250 मोबाइल की लिस्ट तैयार की है। आसपास के गांव के हो सकते हैं बदमाश बदमाश आसपास के गांव के हो सकते हैं। पुलिस इस थ्योरी पर भी काम कर रही है

चौकीदार महेंद्रपाल ने बताया कि कहां जाऊं,मजबूरी रोक रही कदम मेरे सामने कोई रास्ता नहीं, अपना और बच्चों का पेट पालना है। 20 सितंबर की रात मुझे जिंदगी भर का दर्द दे गई। बरामदे में बेटा सूरज व बेटी सो रहे थे। मैं कमरे में नीचे और पत्नी बिमला चारपाई पर सो रही थी। चार बदमाश कमरे में घुसे और मोबाइल फोन मांगा। नहीं देने पर मुझे पीटा। एक मोबाइल फोन को तोड़ दिया। दूसरा मोबाइल फोन व पांच हजार रुपये मुझसे छीन लिए। शोर सुनकर पत्नी बिमला जगी तो एक बदमाश ने लात मारी। पत्नी की मौत हो गई। बेटे सूरज को भी थप्पड़ मारा। जो रुपये जोड़े थे, उसे बदमाश लूट ले गए। पत्नी का गांव में अंतिम संस्कार करवा सकूं। मेरे पास पैसे भी नहीं बचे थे।
मछली फार्म मालिक ने पैसे देकर पानीपत में अंतिम संस्कार करा दिया। वारदात के बाद मैं डर गया था। सुरक्षा के लिए बेटी को भाई-भाभी के पास दिल्ली भेज दिया।

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